सीड फ़्रेज़ और वॉलेट सुरक्षा: क्या करें, क्या नहीं
क्रिप्टो में चोरी हैकिंग से कम, लापरवाही से ज़्यादा होती है। सीड फ़्रेज़ क्या है, कहाँ रखें, और कौन-सी ग़लती कभी नहीं करनी।
जितने लोगों का क्रिप्टो गया है, उनमें से ज़्यादातर किसी बड़े हैक का शिकार नहीं हुए। उन्होंने अपनी सीड फ़्रेज़ ख़ुद किसी को दे दी, या ऐसी जगह रख दी जहाँ से वह निकल गई।
सीड फ़्रेज़ है क्या
जब आप कोई वॉलेट बनाते हैं, तो 12 या 24 शब्द मिलते हैं। वही शब्द आपका वॉलेट हैं।
पासवर्ड नहीं, वॉलेट ख़ुद। जिसके पास वे शब्द हैं, उसके पास आपका पूरा पैसा है। न बैंक है जो रोक दे, न शिकायत की जगह, न वापसी।
कभी न करने वाली बातें
- स्क्रीनशॉट मत लीजिए। फ़ोन की गैलरी क्लाउड पर जाती है, और क्लाउड अकाउंट रोज़ हैक होते हैं
- WhatsApp, ईमेल या नोट्स ऐप में मत रखिए
- किसी को मत बताइए। सपोर्ट वाला कभी सीड फ़्रेज़ नहीं माँगता। जो माँग रहा है, वह सपोर्ट नहीं है
- किसी वेबसाइट पर मत डालिए, चाहे वह कितनी भी असली दिखे
वह आख़िरी वाला सबसे आम है। लोग “वॉलेट कनेक्ट” या “वैलिडेट” करने वाली साइट पर शब्द डाल देते हैं, और सेकंडों में वॉलेट ख़ाली हो जाता है।
कहाँ रखें
काग़ज़ पर लिखिए। दो कॉपी बनाइए, दो अलग जगह रखिए, दोनों जगह सूखी और सुरक्षित हों।
यह पुराने ज़माने का तरीक़ा लगता है, और यही बात इसे सुरक्षित बनाती है। काग़ज़ हैक नहीं होता।
अगर रक़म बड़ी है, तो धातु की प्लेट पर लिखवाने वाले विकल्प भी मिलते हैं। आग और पानी से बच जाता है।
हार्डवेयर वॉलेट कब लेना चाहिए
सीधा हिसाब: अगर आपकी होल्डिंग की क़ीमत हार्डवेयर वॉलेट की क़ीमत से काफ़ी ज़्यादा है, तो ले लीजिए। पाँच हज़ार का डिवाइस पाँच लाख की होल्डिंग के लिए सस्ता बीमा है। दस हज़ार की होल्डिंग के लिए शायद ज़रूरी नहीं।
और ख़रीदिए हमेशा कंपनी की अपनी साइट से। किसी और से ख़रीदा हुआ डिवाइस पहले से छेड़ा जा सकता है।
एक्सचेंज पर रखना बनाम वॉलेट में रखना
एक्सचेंज पर रखा क्रिप्टो तकनीकी रूप से आपका नहीं, एक्सचेंज के पास आपका दावा है। ट्रेडिंग के लिए यह ठीक है। लंबे समय तक रखने के लिए अपना वॉलेट बेहतर है।
पुरानी कहावत यहाँ भी चलती है: चाबी आपकी नहीं, तो सिक्के भी आपके नहीं।