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शुरुआत

P2P से INR कैसे निकालें, और किन बातों का ध्यान रखना है

भारत में क्रिप्टो से रुपये निकालने का सबसे आम तरीक़ा P2P है। यह काम कैसे करता है, कहाँ लोग फँसते हैं, और कौन-सी ग़लती कभी नहीं करनी।

3 मिनट का पाठ · शुरुआत

भारत में क्रिप्टो से रुपये निकालने का सीधा बैंक रास्ता ज़्यादातर बड़े एक्सचेंज पर नहीं है। इसलिए लगभग हर कोई P2P इस्तेमाल करता है।

P2P मुश्किल नहीं है। पर इसमें एक चीज़ है जो समझनी ज़रूरी है, और जो न समझने पर लोग पैसे गँवाते हैं।

हो क्या रहा है, यह समझ लीजिए

P2P में एक्सचेंज आपको पैसे नहीं देता। वह सिर्फ़ आपको किसी दूसरे इंसान से मिलाता है, और बीच में एस्क्रो बनकर खड़ा रहता है।

आप बेच रहे हैं, तो होता यह है:

  1. आप ऑर्डर लगाते हैं, आपका क्रिप्टो एक्सचेंज के एस्क्रो में चला जाता है
  2. ख़रीदने वाला आपके बैंक खाते या UPI पर रुपये भेजता है
  3. पैसा आने की पुष्टि आप करते हैं
  4. तभी एस्क्रो से क्रिप्टो सामने वाले के पास जाता है

P2P में एस्क्रो कैसे काम करता है

एस्क्रो ही वह चीज़ है जो आपको बचाती है। सामने वाला पैसे न भेजे, तो क्रिप्टो उसे मिलेगा ही नहीं।

सबसे ज़रूरी नियम: बातचीत प्लेटफ़ॉर्म से बाहर मत ले जाइए

अगर कोई कहे कि “WhatsApp पर बात करते हैं” या “सीधे भेज दो, ऑर्डर बाद में बना लेंगे”, वहीं रुक जाइए।

इसका एक ही मक़सद होता है: एस्क्रो को हटाना। एस्क्रो हटते ही आपके पास कोई सुरक्षा नहीं बचती, और शिकायत करने की जगह भी नहीं रहती।

मैंने जितने P2P धोखे देखे हैं, लगभग सब इसी एक क़दम से शुरू हुए।

पैसा आने की पुष्टि, सही तरीक़े से

यह दूसरी सबसे बड़ी ग़लती है। लोग स्क्रीनशॉट देखकर क्रिप्टो रिलीज़ कर देते हैं।

स्क्रीनशॉट कुछ भी साबित नहीं करता। एडिट करना आसान है, और “पेमेंट प्रोसेसिंग में है” वाला स्क्रीनशॉट तो बिल्कुल कुछ नहीं कहता।

अपना बैंक ऐप खोलिए। पैसा खाते में दिख रहा हो, तभी रिलीज़ कीजिए। न स्क्रीनशॉट पर, न SMS पर, न इस बात पर कि सामने वाला जल्दी मचा रहा है। जल्दी मचाना अपने आप में एक संकेत है।

काउंटरपार्टी कैसे चुनें

  • पूरे हुए ऑर्डर की संख्या देखिए, 500+ और नया अकाउंट बहुत अलग चीज़ें हैं
  • कंप्लीशन रेट देखिए, 95% से नीचे हो तो सोच लीजिए
  • पेमेंट का तरीक़ा वही चुनिए जो आपके नाम के खाते से आ रहा हो। तीसरे व्यक्ति के खाते से आया पैसा आगे चलकर आपके लिए दिक़्क़त बन सकता है

बैंक वाली बात, जो कोई नहीं बताता

कुछ बैंक क्रिप्टो से जुड़े लेन-देन पर सवाल करते हैं, और कभी-कभी खाता सीमित कर देते हैं। इससे बचने का तरीक़ा छिपाना नहीं है, रिकॉर्ड रखना है।

  • हर लेन-देन का रेफ़रेंस नंबर सँभालकर रखिए
  • एक ही खाते का इस्तेमाल कीजिए, बार-बार बदलिए मत
  • रक़म अचानक बहुत बड़ी मत कीजिए

बैंक को समस्या लेन-देन से नहीं होती, समझ में न आने वाले पैटर्न से होती है।

और हाँ, टैक्स लगेगा

P2P से बेचने पर भी 30% टैक्स और 1% TDS के नियम वही हैं। यह सोचना कि “P2P है तो पता नहीं चलेगा” सबसे महँगी ग़लतफ़हमी है। टैक्स वाली पूरी बात यहाँ लिखी है।


P2P डरने की चीज़ नहीं है। मैं ख़ुद इस्तेमाल करता हूँ। बस एस्क्रो के अंदर रहिए, और पैसा खाते में देखे बिना कुछ रिलीज़ मत कीजिए। इन दो बातों से ही 95% दिक़्क़तें ख़त्म हो जाती हैं।

P2Pभारतएक्सचेंजटैक्स