1% TDS वापस कैसे मिलेगा
TDS कटता किस पर है, कहाँ दिखता है, और ITR में उसे claim करके रिफ़ंड कैसे लिया जाता है।
TDS को लेकर सबसे आम ग़लतफ़हमी यह है कि यह कोई अतिरिक्त ख़र्च है। यह ख़र्च नहीं है। यह आपका ही पैसा है जो पहले ही सरकार के पास जमा हो चुका है।
कटता किस पर है
बिक्री की रक़म पर, मुनाफ़े पर नहीं।
यह फ़र्क़ बहुत बड़ा है और यहीं लोग चौंकते हैं। आपने ₹1,00,000 का कुछ बेचा और उसमें आपको नुक़सान ही हुआ, तब भी ₹1,000 TDS कट जाएगा। TDS को आपके फ़ायदे-नुक़सान से कोई मतलब नहीं।
इसीलिए ज़्यादा ट्रेड करने वालों का काफ़ी पैसा साल भर TDS में फँसा रहता है।
वापस कैसे आता है
ITR भरते समय आप Schedule VDA में अपना असली मुनाफ़ा दिखाते हैं और उस पर बनने वाला टैक्स निकलता है। फिर जितना TDS पहले कट चुका है, वह उसमें से घट जाता है।
तीन में से एक बात होती है। देनदारी TDS से ज़्यादा हुई तो बाक़ी भरिए। बराबर हुई तो कुछ नहीं देना। कम हुई तो बचा हुआ पैसा रिफ़ंड में वापस।
बहुत सारे छोटे ट्रेडर तीसरी श्रेणी में आते हैं और उन्हें पता ही नहीं होता।
पहले मिलाकर देखिए
रिटर्न भरने से पहले इनकम टैक्स पोर्टल पर Form 26AS और AIS खोलिए। वहाँ दिखेगा कि आपके PAN पर कितना TDS जमा है।
इसे एक्सचेंज की सालाना रिपोर्ट से मिलाइए। दोनों बराबर होने चाहिए। न हों तो एक्सचेंज से पूछिए, क्योंकि पोर्टल पर जो दिख रहा है वही claim हो पाएगा।
जहाँ पैसा सबसे ज़्यादा फँसता है
अगर आपने कई एक्सचेंज इस्तेमाल किए हैं तो हर एक ने अलग से TDS काटा है। एक जगह की रिपोर्ट देखकर भरने पर बाक़ी का TDS छूट जाता है।
यह हर साल होता है। किसी ने तीन एक्सचेंज इस्तेमाल किए, एक की रिपोर्ट देखी, और बाक़ी दो का TDS छोड़ दिया।
एक व्यावहारिक सलाह
साल भर एक सादी शीट रखिए जिसमें तारीख़, एक्सचेंज, बिक्री की रक़म और कटा हुआ TDS लिखते जाएँ। जुलाई में यही शीट आपका आधा काम कर देगी।
रिफ़ंड माँगने के लिए कोई अलग फ़ॉर्म नहीं होता। ITR ही वह जगह है। न भरने पर पैसा आपका ही रहता है, बस सरकार के पास।
एक आख़िरी बात
अगर पिछले सालों में आपने ITR भरा ही नहीं और TDS कटा हुआ पड़ा है, तो उसे भी देखा जा सकता है। पुराने साल की फ़ाइलिंग की अपनी समय-सीमा होती है, इसलिए यह जितनी जल्दी देखें उतना बेहतर।
और अगर रक़म बड़ी है, तो एक बार किसी CA से मिल लीजिए। उनकी फ़ीस अक्सर उस रिफ़ंड से कम बैठती है जो आपको मिलने वाला है, और वे यह भी बता देंगे कि कौन-सा फ़ॉर्म आपके लिए सही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
TDS कटने के बाद भी टैक्स देना पड़ता है?
अगर आपकी कुल देनदारी कटे हुए TDS से ज़्यादा है तो बाक़ी रक़म देनी होगी। कम है तो फ़र्क़ रिफ़ंड में वापस आता है।
TDS कहाँ दिखता है?
इनकम टैक्स पोर्टल पर Form 26AS और AIS में। एक्सचेंज की रिपोर्ट से मिलाकर देख लीजिए।